Vitamin D overdose: क्या विटामिन डी शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है ?

Vitamin D overdose: विटामिन्स हमारे शरीर के लिए बहुत महत्वपूर्ण और फायदेमंद माना जाता हैं। लेकिन विटामिन डी का अधिक सेवन सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है।

विषयसूची

Vitamin D overdoseविटामिन डी शरीर के लिए बेहद महत्वपूर्ण और फायदेमंद साबित होता है। क्योंकि शरीर में विटामिन डी की कमी होने पर कई बीमारियों का सामना करना पड़ जाता है। अगर आप अपने शरीर को स्वस्थ रखना चाहते हैं तो पोषक तत्वों से भरपूर चीजों का सेवन करें। सर्दी के मौसम में हमारी हड्डियां बहुत कमजोर हो जाती हैं और इसका एक कारण विटामिन डी और अन्य विटामिन की कमी भी है।

विटामिन डी की कमी को दूर करने के लिए आप धूप में शरीर की सिकाई भी कर सकते हैं। लेकिन आज के समय में लोगों के पास इतना समय नहीं है कि वह धूप में समय बिता सकें। इसलिए वे दवाइयों पर निर्भर होते जा रहे हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आवश्यकता से अधिक विटामिन डी सप्लीमेंट या प्रिस्क्रिप्शन लेना सेहत के लिये खतरनाक हो सकता है। तो आइये जानते हैं कि विटामिन डी के अधिक सेवन से स्वास्थ्य को क्या नुकसान हो सकता है।

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हाइपरविटामिनोसिस क्या है ?

शरीर में विटामिन डी के विषाक्त हो जाने की स्थिति को हाइपरविटामिनोसिस डी (hypervitaminosis D) कहा जाता है। यह एक गंभीर स्थिति है। ऐसा तभी होता है जब आप आवश्यकता से अधिक विटामिन डी सप्लीमेंट लेते हैं। आहार या धूप के संपर्क में आने से यह स्थिति नहीं होती है। ऐसा इसलिये होता है क्योंकि आपका शरीर सूर्य के संपर्क में आने से उत्पन्न विटामिन डी की अतिरिक्त मात्रा को कंट्रोल करता है।

अधिक विटामिन डी लेने से हो सकते हैं ये साइड इफेक्ट (Vitamin D overdose effect)

1. गुर्दे की पथरी

अगर आप भी यह सोचकर विटामिन डी का अधिक सेवन करते हैं कि यह सेहत के लिए फायदेमंद है। इसलिए आपको  सावधान रहने की जरूरत है क्योंकि विटामिन डी का अधिक सेवन किडनी में पथरी का कारण बन सकता है।

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2. कमजोर हड्डियाँ

हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए विटामिन डी सबसे महत्वपूर्ण और फायदेमंद है। लेकिन क्या आपको पता हैं कि आवश्यकता से अधिक विटामिन डी का सेवन करने से शरीर की हड्डियां कमजोर हो सकती हैं।

3. टेंशन

टेंशन आज के समय में सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है। इसका कारण अत्यधिक काम का दबाव, चिंता, सही खान-पान का न होना आदि है। बहुत अधिक विटामिन डी का सेवन करने से टेंशन की समस्या भी हो सकती है। इसलिए अगर आप डिप्रेशन की समस्या से पीड़ित हैं तो आपको विटामिन डी का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।

4. ब्लड में अधिक कैल्शियम

रक्त में कैल्शियम की अधिकता को हाइपरकैल्सीमिया (hypercalcemia) भी कहा जाता है, जो विटामिन डी का एक साइड इफेक्ट है। इस रोग के कारण रक्त में कैल्शियम जमने लगता है। आपको बता दें कि, यह हड्डियों पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है, इसलिए रक्त में कैल्शियम की अधिक मात्रा उच्च रक्तचाप, हड्डियों का कमजोर होना, किडनी खराब होना, थकान, चक्कर आना आदि जैसी समस्याएं पैदा कर सकती है।

5. भूख की कमी होना

भूख न लगना शरीर में अधिक विटामिन डी के कारण भी हो सकता है। अगर आपको भी ऐसी कोई समस्या है तो डॉक्टर से जरूर सलाह लें। हो सके तो इसकी जांच करा लें।

6. उल्टी का होना

अगर शरीर में विटामिन डी की अधिक मात्रा हो जाये तो उल्टी और जी मिचलाने जैसी परेशानियां होने लग सकती हैं। आपको बता दें कि खून में कैल्शियम की मात्रा अधिक होने से उल्टी और जी मिचलाने की समस्या जरूर होती है। हालांकि यह जरूरी नहीं है कि इस तरह की समस्या हर व्यक्ति में हो।

विटामिन-D (Vitamin D) नेचुरल स्रोतों से लें

जब तक आपकी कोई ऐसी चिकित्सीय स्थिति न हो जो आपके शरीर को प्राकृतिक रूप से विटामिन अवशोषित करने से रोकती है, तब तक सप्लीमेंट न लें। प्राकृतिक तरीके से शरीर में विटामिन डी की आपूर्ति करने का यह एक बेहतरआप्शन है। इसके लिए आप ट्यूना, मैकेरल और सैल्मन जैसी वसायुक्त मछली, डेयरी उत्पाद, संतरे का रस, सोया, दूध और अनाज, पनीर, अंडे को खा सकते हैं।

विटामिन डी की अधिक मात्रा के लक्षण (

(Vitamin D overdose symptoms)

1. भ्रम
2. डिप्रेशन
3. मानसिक रोग
4. कोमा
5. जी मिचलाना
6. उल्टी
7. कब्ज
8. भूख न लगना
9. अनियमित मल त्याग

विटामिन डी कब खतरनाक हो जाता है ?

विटामिन डी आपके शरीर के लिए तब खतरनाक हो जाता है जब इसका लेवल सामान्य सीमा से अधिक हो जाता है जो वयस्कों के लिए 20 से 40 ng/ml के बीच होता है। इसलिए डॉक्टर से सलाह लेने के बाद ही विटामिन सप्लीमेंट का सेवन करना चाहिये।

विटामिन डी का टेस्ट कराना क्यों जरूरी है ?

इसकी कमी को विटामिन डी की दवाएँ लेकर पूरा किया जा सकता है, लेकिन ऐसा होता है कि किसी व्यक्ति के शरीर में विटामिन डी का स्तर 6 महीने के भीतर फिर से कम हो जाता है और कुछ में यह एक साल तक कम नहीं होता है। इसलिए बिना जांच कराए खुद से विटामिन डी की दवा नहीं लेनी चाहिए। अगर विटामिन कम नहीं हैं और आप दवाइयां ले रहे हैं तो कुछ महीनों के बाद शरीर में Vitamin D overdose के इफेक्ट दिखने शुरू हो जाते हैं। जिससे कई तरह की समस्यायें हो सकती हैं।

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