अजीबोगरीब प्रथाएं (Weird Traditions) | इस गांव में 5 दिन महिलाएं नहीं पहनती हैं कपड़े पुरुष करते हैं यह काम

dailypress24
5 Min Read

सारी दुनिया में महिलाओं के लिए अजीबोगरीब प्रथाएं (Weird Traditions) रहती हैं कहीं महिलाओं के लिए शादी से पहले शर्मनाक वर्जिनिटी टेस्ट करवाना पड़ता है। तू कहीं शादी के 1 साल पहले ही होने वाले पति के साथ रहना पड़ता है और वही भारत में हिमाचल प्रदेश के पिणी गांव में भी एक ऐसी ही प्रथा का सामना महिलाओं को करना पड़ता है।

देश और दुनिया की कई ऐसी परंपराएं हैं जिन पर विचार और चर्चा अक्सर होती रहती है। और कुछ परंपराएं ऐसी हैं कि जिसे सुनकर लोग उनकी आलोचना ही करते नजर आए हैं ऐसे ही परंपराओं के तहत शादी-ब्‍याह से पहले लड़के या लड़की का पेड़ के साथ विवाह संस्‍कार ( marriage ceremony) किया जाता है। कहीं ऐसी परंपराएं हैं कि जहां भाई से तो कहीं मामा से शादी करनी पड़ती है।

आईए जानते हैं भारत की इस परंपरा के बारे में ।

भारत के एक गांव में भी महिलाओं और पुरुषों के लिए एक अजीब परंपरा है, जिसे सदियों से जस का तस निभाया जा रहा है। हिमाचल प्रदेश की मणिकर्ण घाटी के पिणी गांव में सदियों से चली आ रही एक परंपरा का पालन करते हुए आज भी महिलाएं कपड़े नहीं पहनती हैं। और वही इस गांव में रहने वाले पुरुषों के लिए भी सख्त नियमों का पालन करना अनिवार्य है ।

परंपरा के मुताबिक साल में 5 दिन ऐसे भी आते हैं जब इस गांव की महिलाएं अपने शरीर पर एक भी कपड़ा नहीं पहन सकती हैं और वहीं पुरुषों के लिए भी इस परंपरा के तहत वह इन पांच दिनों में शराब या फिर मांस का सेवन नहीं कर सकते हैं। यही नहीं बल्कि वे अपनी पत्नी की तरफ देखकर मुस्कुरा भी नहीं सकते हैं।

आज भी निभाई जाती है यह परंपरा।

पिणी गांव में महिलाओं के कपड़े नहीं पहनने की परंपरा का इतिहास काफी रोचक है। हालांकि अब इस परंपरा में महिलाएं इन पांच खास दिनों में घर के बाहर ही नहीं निकलती है लेकिन कुछ महिलाएं अपनी इच्छा से इस परंपरा का पहले जैसा ही पालन करती हैं इस गांव की महिलाएं हर साल सावन के महीने में 5 दिन कपड़े नहीं पहनती हैं कहा जाता है । कि इस परंपरा का पालन नहीं करने वाली महिला को कुछ ही दिनों में एक बड़ी बुरी खबर सुनने को मिलती है। इस दौरान पति-पत्नी एक दूसरे से बात भी नहीं करते हैं और इन पांचो दिनों में पति-पत्नी एक दूसरे से दूर रहते हैं।

पुरुष न निभाएं परंपरा तो क्या होता है ?

इस गांव की पुरुषों के लिए भी इस समय में महिलाओं का साथ देना आवश्यक माना जाता है । हालांकि पुरुषों के लिए नियम कुछ अलग बनाए गए हैं । पुरुषों के लिए सावन के इन पांच दिनों में शराब और मांस का सेवन नहीं करने की परंपरा बनाई गई है । कहा जाता है कि इन पांच दिनों में यदि किसी पुरुष ने इस परंपरा का सही से पालन नहीं किया तो देवता नाराज हो जाते हैं और और उसे पुरुष का कुछ नुकसान भी कर देंगे इस परंपरा को निभाने के पीछे एक रोमांचक कहानी भी है चलिए जानते हैं यह परंपरा क्यों निभाई जाती है।

क्‍यों शुरू की गई ये अजब परंपरा ?

पिणी गांव (अजीबोगरीब प्रथाएं (Weird Traditions)) के लोग बताते हैं की बहुत समय पहले वहां बहुत से राक्षसों का आतंक था । इसके बाद ‘लाहुआ घोंड’ नाम के एक देवता पिणी गांव (Pini Village) आए. देवता ने उस राक्षस का वध किया और पिणी गांव को राक्षसों के आतंक से बचाया था । वहां के लोग बताते हैं कि यह राक्षस उसे गांव की सजी संवरी अच्छे कपड़े पहनने वाली सदीसुदा महिला को उठा ले जाते थे। और देवताओं ने राक्षसों का वध करके महिलाओं को बचाया था।

इसके बाद से ही देवता और राक्षस के बीच चले युद्ध के समय के 5 दिन महिलाओं के कपड़े नहीं पहनने की परंपरा चली आ रही है।गांव वालों का मानना है कि अगर महिलाएं कपड़ों में सुंदर दिखेंगी तो आज भी राक्षस उन्‍हें उठाकर ले जा सकते हैं।

ये भी पढ़े : नयनतारा के जन्मदिन पर पति ने दिया खास तोहफा

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *